SEBI की सुप्रीम कोर्ट से अपील: सहारा ग्रुप को 62 हजार करोड़ रु. जमा करने का आदेश दें

SEBI ने सहारा ग्रुप को 62 हजार करोड़ रुपए जमा करने का आदेश दे।

नई दिल्ली :- सिक्युरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है। SEBI ने अदालत से अपील की है कि वो सहारा ग्रुप के प्रमुख सुब्रत रॉय और उनकी दो कंपनियों को 8.4 बिलियन डॉलर यानी करीब 62 हजार करोड़ रुपए जमा करने का आदेश दे। सहारा ग्रुप पर निवेशकों का यह रुपया बकाया है। SEBI ने कहा कि अगर सुब्रत रॉय पैसा जमा नहीं करवा पाते हैं तो उन्हें कस्टडी में लिया जाए।

कोर्ट ने 2012 और 2015 में आदेश दिए थे कि सहारा ग्रुप को निवेशकों का सारा पैसा 15% ब्याज के साथ SEBI के पास जमा करना होगा। SEBI ने कहा कि 8 साल बाद भी यह ग्रुप कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं कर रहा है।

2016 में जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आए सुब्रत रॉय

सहारा ग्रुप भारतीय क्रिकेट टीम का स्पॉन्सर रह चुका है। ग्रुप का निवेशकों के हजारों करोड़ रुपए को लेकर SEBI से विवाद चल रहा है। सहारा ग्रुप ने यह पैसा बॉन्ड स्कीम के जरिए जुटाया था। बाद में इन स्कीम्स को गैरकानूनी ठहराया गया था। इस मामले में सुब्रत रॉय का कहना है कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है। उन्हें कोर्ट की अवमानना के मामले में 2014 में अरेस्ट किया गया था। 2016 से वे जमानत पर जेल से बाहर चल रहे हैं।

केवल प्रिंसिपल अमाउंट का एक हिस्सा जमा किया

SEBI ने कोर्ट में कहा है कि सहारा ने अभी तक आदेशों का पालन करने के लिए कुछ नहीं किया है। दूसरी ओर अवमानना करने वालों पर देनदारी बढ़ती जा रही है और वे कस्टडी से रिहा होने के बाद आनंद ले रहे हैं। SEBI ने कहा कि सहारा ग्रुप ने प्रिंसिपल अमाउंट का केवल एक हिस्सा जमा किया है। ब्याज समेत बकाया रकम करीब 62 हजार करोड़ रुपए है।

सहारा ने कहा- SEBI को 22 हजार करोड़ रु. दिए

सहारा ग्रुप का कहना है कि हमने SEBI को 22 हजार करोड़ रुपए दिए हैं, लेकिन SEBI ने निवेशकों को केवल 106.10 करोड़ रुपए दिए हैं। ग्रुप ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन कर रहे हैं। सहारा इंडिया परिवार ने हाल ही में अखबारों में विज्ञापन देकर कहा है कि कंपनी प्रमुख सुब्रत राय सहारा या सहारा इंडिया परिवार के खिलाफ केवल एक आरोप है। वह आरोप यह है कि वह निवेशकों का पैसा चुकाने में समय ले रहा है। हालांकि, वह इस देरी पर ब्याज भी चुका रहा है।

8 सालों से शर्त का पालन कर रहा है सहारा

सहारा ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले 8 साल से जो शर्त रखी है, उसी के मुताबिक कंपनी अपनी असेट्स बेचकर पैसा चुका रही है। सुप्रीम कोर्ट की शर्त के मुताबिक, पूरे सहारा ग्रुप की किसी भी संपत्ति की बिक्री से मिले पैसों, ज्वाइंट वेंचर्स से मिले पैसों को सहारा-SEBI के खाते में जमा कराना होगा। सहारा ने कहा है कि उसने 8 साल में एक भी पैसे का इस्तेमाल नहीं किया है। सारा पैसा इसी खाते में जमा किया गया है।

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